संता की बीबी एक दुकान पर परिंदा खरीदने पहुंची। एक तोते के पिंजरे के आगे कीमत लिखी थी – मात्र 50 रु. ।

प्रीतो ने दुकानदार से पूछा – इसकी कीमत इतनी कम क्यों है जबकि दूसरे तोते 500 रु. से कम का नहीं है। - दरअसल इस तोते का बोलचाल ठीक नहीं है।

यहां आने के पहले यह एक वैश्या के घर में था। इसलिए कभी-कभी अश्लील बातें बकने लगता है।

प्रीतो ने दो मिनट सोचा फिर बोली – चलेगा। मैं इसे अपने घर के लायक बना लूंगी। आप तो यही तोता दे दीजिए।

घर लाकर उसने तोते का पिंजरा अपने बेडरूम में टांग दिया और उसके कुछ बोलने का इंतजार करने लगी।

तोते ने शांतिपूर्वक इधर-उधर का मुआयना किया फिर बोला – वाह ! नया घर और नई औरत ! क्या बात है !

- ये तो कोई गाली नहीं है। प्रीतो ने सोचा ।

थोड़ी देर बाद उसकी दोनों बेटियां कॉलेज से वापस आ गईं । उन्हें देखते ही तोता बोला – दो-दो नई लड़कियां ! क्या किस्मत है बाप !

- इसमें भी ऐसी कोई बुरी बात नहीं बोली है उसने। दुकानदार खांमखा डरा रहा था। प्रीतो ने सोचा ।

शाम को प्रीतो का पति संता घर आया । उसे देखते ही तोता चहक कर बोला – ओए संता ! तू यहां कैसे यार ?
zeder like this